@import url('https://fonts.googleapis.com/css2?family=Yatra+Oney=swap'); अनवरत: ऑक्टोपस पॉल की भविष्यवाणियाँ जर्मन टीम पर भारी पड़ीं, स्पेन एक गोल से जीत कर विश्वकप फुटबॉल 2010 के फाईनल में

गुरुवार, 8 जुलाई 2010

ऑक्टोपस पॉल की भविष्यवाणियाँ जर्मन टीम पर भारी पड़ीं, स्पेन एक गोल से जीत कर विश्वकप फुटबॉल 2010 के फाईनल में

मैच का एक मात्र गोल लगाते कार्लेस पुयोल
ही हुआ, जो होना चाहिए था। विश्वकप फुटबॉल 2010 के दौरान जर्मन धीरे-धीरे ऑक्टोपस पॉल का विश्वास करने लगे, टीम के खिलाड़ी भी। उस की भविष्यवाणी जो सच निकलने लगी थी। उस से प्रभावित भी होने लगे। जब सेमीफाइनल के लिए पॉल ने स्पेन के जीतने की भविष्यवाणी की तो शायद जर्मन खिलाड़ियों के दिल बैठ गए। आज उन के खेल में न तेजी दिखाई दी और न ही जीतने की तमन्ना खेल के उत्तरार्ध में कॉर्नर किक पर कार्लेस पुयोल के हेडर से मैच का एक मात्र गोल हुआ और जर्मनी का फाइनल पहुँचने के सफर का अंत हो गया। अब जर्मनी को तीसरे स्थान के लिए उरुग्वे से खेलना होगा। फाईनल स्पेन और नीदरलैंड के बीच खेला जाएगा।
मैच के बाद स्पेन की ओर से एक मात्र विजयी गोल लगाने वाले कार्लोस पुयोल जर्मन खिलाड़ी श्विनस्टिजर से हाथ मिलाते हुए

12 टिप्‍पणियां:

Sachi ने कहा…

खेल तो सच में अच्छा था| मैं तो भीड़ में बड़े स्क्रीन पर यह मैच देख रहा था| पाम्पलोना में इन दिनों सान फेरमीन नाम का त्योहार मन रहा है, जिसमें लोग सांड के आगे लाल और सफ़ेद कपड़े पहन दौड़ते हैं|

एक दो जर्मन भी थे, मगर जब स्पेन जीतने लगा तो उन्होनें अपना झंडा समेत लिया|

यहाँ सुबह से, रेडियो, टीवी, ऑनलाइन अख़बार, सब संचार माध्यमों में,पॉल की भविष्यवाणी के बारे में बात की जा रही थी|

अब मैं सोच रहा हूँ कि अब जर्मन पॉल को pulpo a la gallega (यह स्पेन के गालिसिया प्रांत की एक डिश है जिसमें ओक्टोपस को तरी के साथ खाते हैं) के अनुसार खा जाएँगे|

उम्मतें ने कहा…

अब उसे भी संत ना घोषित कर दें भाई लोग "सेंट आक्टोपस पाल"

Arvind Mishra ने कहा…

मैंने भी देखा ..स्पेन की टीम निश्चय ही तगड़ी है .....लगातार दबाव बनाये हुए थी आखिर एक दाग ही दिया !

गिरिजेश राव, Girijesh Rao ने कहा…

स्पेन वाले वाकई चैम्पियन की तरह खेले। समर्पण, आक्रमण, अंत तक बस 1-0 की अगुवाई के बावज़ूद न भय और न शंका और जर्मन हमलों को टूट कर नकारा कर देना ! - वाकई स्पेनियार्ड अद्भुत खेले। रतजगी का कोई मलाल नहीं।

निर्मला कपिला ने कहा…

तो आज कल आप खेल जगत मे मस्त हैं। बधाइ। अब यकीन जी कविता कब सुना रहे हैं? आभार।

ghughutibasuti ने कहा…

मैच अच्छा था किन्तु पिछले सेमी फाइनल जितना नहीं। औक्टॉपस जी की भविष्यवाणी के तो कहने ही क्या!
घुघूती बासूती

राज भाटिय़ा ने कहा…

औक्टॉपस जी की भविष्यवाणी ? असल मै यह आंक्टोपस एक बहुत सयाना ओर समझदार जीव है, हो सकता है कि एक डिब्बे के नीचे किसी ने कुछ रख दिया हो खाने का? जर्मनी को तो बहुत पहले चले जाना था, लेकिन इस की किस्मत इसे यहां तक ले आई, ओर अर्जनटाईना के सिवा इसे सभी कमजोर टीमे ही मिली थी... यह मेरा कहना नही उन सब का कहना है जो बहुत ध्यान से मेच देखते है ओर दिवाने है, वेसे स्पेन दो साल से युरोपा मास्टर भी है फ़ुट बाल मै. ओर स्पेन ओर नीदर लेंड के मेच मै लडाई के बहुत चांस है, ओर कई बार लोग भी मर जाते है, क्योकि पुरा युरोप दीवाना है फ़ुट वाल का कोई नही हारना चाहता, कल का मेच शांति से गुजरा

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी ने कहा…

खेल मैदान से ज्यादा दिमाग में चलता है। स्पेन वाले इस बार आगे रहे।

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

जर्मन धीरे-धीरे ऑक्टोपस पॉल का विश्वास करने लगे
...yah bhii sambhav hai.

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बहुत गज़ब का मैच था । कप तो ऑक्टोपस ही जीतेगा ।

Maria Mcclain ने कहा…

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Udan Tashtari ने कहा…

ऑक्टोपस बाबा जिन्दाबाद...जो न करा दें वो. देखिये विश्वास का कर्मों पर असर और फिर अंध विश्वास के तो कहने ही क्या!