अनवरत
क्या बतलाएँ दुनिया वालो! क्या-क्या देखा है हमने ...!
सोमवार, 25 मई 2026
दिलों में पहुँच
रविवार, 24 मई 2026
नया चेहरा
देहरी के पार, कड़ी - 58
शनिवार सुबह सोकर उठने के बाद प्रिया रसोई में अपने लिए चाय बना रही थी कि प्रशांत बाबू का फोन आ गया. उसने फोन उठाया, “प्रिया, हड़ताल के दिनों के वेतन और फेयर वेजेज का जो औद्योगिक विवाद राज्य सरकार ने इंडस्ट्रियल ट्रिबुनल को रेफ्रेंस किया था, उसमें यूनियन को मंगलवार 18 जून तक स्टेटमेंट ऑफ क्लेम पेश करना है, इसे तैयार करने के लिए हमारे पास केवल दो सप्ताह हैं. कल कणिका की सांख्यिकीय रिपोर्ट भी मिल गई है. मैं जल्दी से जल्दी चव्हाण साहब से मिलना चाहता हूँ. उन्होंने आज ग्यारह बजे का समय दिया है. वे तुम्हारे बारे में पूछ रहे थे कि प्रिया कैसी है, मैंने उन्हें कहा है कि हो सका तो वह भी मेरे साथ आएगी. तुम चल रही हो न?”
“चलना तो चाहती
हूँ सर, पर आज आकाश से भी मिलना है. खैर मैं आपको आधे घंटे में बताती हूँ.” प्रिया ने
इतना कहकर फोन काट दिया. उसने आकाश को फोन लगाया. देर तक घंटी जाने के बाद उधर से
आवाज आई, “हेलो, कौन प्रिया? तुम बड़ी जल्दी उठ गई.” ऐसा लगा जैसे घंटी की आवाज सुनकर ही
आकाश की नींद टूटी है.
“तो तुम अभी तक सो
ही रहे थे?”
“हाँ तो, आज छुट्टी
है, आज तो नींद निकालने का ही दिन है.” आकाश ने अलसाई आवाज में कहा.
“तो सुनो, मैं दस
बजे फोर्ट के लिए निकल रही हूँ, वहाँ सीनियर एडवोकेट रमेश चव्हाण का चैंबर है.
उन्होंने ग्यारह बजे का समय दिया है. मैं सोचती हूँ तुम भी साथ चलो. आज हम दक्षिण
मुंबई में घूमते हैं. वहीं कहीं लंच करेंगे और शाम तक लौट आएंगे. तुम चलोगे?” प्रिया
ने अपने मन का बता दिया.”
“क्या? क्या? आज
घूमने चलना है. वह तो सही है. पर चव्हाण
साहब के चैम्बर में मैं क्या करूंगा?”
“कुछ नहीं करना, बस सबसे मिलना और हमारी बातें सुनना. वहाँ आधे घंटे से अधिक नहीं लगेगा.”
“ठीक है, मैं तैयार
होता हूँ, तुम मेरे फ्लैट पर आ रही हो या मुझे तुम्हारे फ्लैट पर आना है? आकाश ने
पूछा.”
“वैसे तो तुम्हें
ही आना चाहिए, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे इधर से पास है, यहाँ से फोर्ट जाना अधिक सही
है.”
“ठीक है, मैं ही
आता हूँ.” आकाश ने कहा.
“पर दस बजे के पहले
पहुँच जाना. हम समय से चव्हाण साहब के चैम्बर पहुँच जाएँ.” प्रिया ने कहा और फोन
काट दिया.
उसके बाद उसने प्रशांत
बाबू को भी फोन करके बता दिया कि वह और आकाश सीधे चव्हाण साहब के चैम्बर पहुँच रहे
हैं. ग्यारह बजने के पहले दोनों सीनियर एडवोकेट रमेश चव्हाण के चैम्बर में थे.
चव्हाण साहब ने प्रिया का स्वागत किया और जानना चाहा कि उसके साथ कौन है?
“सर, ये आकाश हैं, मेरी कंपनी में मेरे कलीग थे. मैंने जब अपने घर से पलायन किया, तब इन्होंने मेरी बहुत मदद की. अब तक जयपुर अपने घर से काम कर रहे थे. अब इन्होंने कंपनी स्विच कर ली है और दो सप्ताह पहले मुंबई आ गए हैं. पवई में रह रहे हैं. आज मैं इन्हें साउथ मुंबई घुमाने ले आई.”
“वेलकम आकाश! प्रिया ने तुम्हारे बारे में पहले भी बताया था. उसने क्लोजर वाले केस में मेरी सहायक की भूमिका अदा की थी. यह बहुत प्रतिभाशाली है, यदि यह लॉ में ग्रेजुएशन कर ले तो मैं इसे स्थायी सहायकों में स्थान दे सकता हूँ. तुम्हें जब भी मेरी जरूरत हो, मुझे याद कर सकते हो. बेझिझक मुझसे मिल सकते हो.” चव्हाण साहब ने जो कुछ भी कहा, उससे आकाश असमंजस में आ गया. वह समझ ही नहीं पा रहा था कि, 'आखिर यह लड़की प्रिया है क्या?' जहाँ भी जाती है, अपने लिए जगह बना लेती है. उसने आकाश के दिल में स्थान बना लिया था. पर क्या वह भी उसके दिल में जगह बना सकेगा? यह सवाल मन में लिए ही उसने चव्हाण साहब को नमस्ते किया.
“नमस्ते सर, प्रिया
ऐसी ही है. यह दो रात हमारे घर रुकी थी लेकिन आज भी मम्मी-पापा और छोटी बहन इसे
याद करते ही रहते हैं.”
तभी प्रशांत बाबू
और यूनियन सचिव शिंदे ने चैम्बर में प्रवेश किया. उन्होंने कणिका की तैयार की हुई सांख्यिकीय
सर्वे की रिपोर्ट चव्हाण साहब को दी और कहा, “सर, फेयर वेजेज के केस में अठारह जून
तक स्टेटमेंट ऑफ क्लेम प्रस्तुत करना है.”
चव्हाण साहब सर्वे
रिपोर्ट लेकर उसके पन्ने पलटने लगे. रिपोर्ट के अंत में वे रिजल्ट पर
रुके और उसे गंभीरता से पढ़ा. फिर बोले, “रिपोर्ट गंभीर है, 92 फीसदी मज़दूरों का कारखाने के नारकीय माहौल से पूरी तरह टूट जाने और 78
फीसदी का साहूकारों के भयंकर कर्ज़ के जाल में फँसे होने के पुख्ता
आंकड़े हमारे इस केस में यह मजबूत साक्ष्य होंगे. बस कणिका को गवाही देने के
लिए दो-तीन बार आना पड़ सकता है.”
“वह आ जाएगी सर,
कॉमरेड कुलकर्णी जी की भांजी है. बस उसे आने की तारीख सप्ताह भर पहले मिल जाए
जिससे वह इसके लिए समय रख सके.”
“ठीक है, पहले इस
मामले में जो समझौता वार्ता हुई थी, उसका सारा रिकार्ड और हड़ताल के दौरान जो
पत्राचार प्रबंधन, लेबर कमिश्नर, पुलिस, स्थानीय प्रशासन आदि से हुआ था वह सब मुझे
चाहिए. लाए हो?”
“नहीं सर, अभी तो
नहीं है. पर हम आज ही शाम तक या कल दोपहर तक भिजवा देंगे.”
मुलाकात यहीं खत्म
हो गई. वापस लौटते वक्त चव्हाण साहब ने आकाश को फिर कहा, “आप आते रहिएगा. और यदि
प्रिया को लॉ ग्रेजुएट होने के लिए प्रेरित करें तो देश को एक बेहतरीन वकील मिल
सकता है.”
सुनकर प्रिया हँस
पड़ी. कहने लगी, “सर, आप मजाक अच्छा करते हैं. मैं कानून के सागर में गोता लगाने
का कतई इरादा नहीं रखती. मैं सॉफ्टवेयर में अच्छी हूँ. मेरे लिए वही ठीक है.”
“प्रिया यह हँसने
की बात नहीं, मैं कोई विनोद नहीं कर रहा. बल्कि सीरियसली कह रहा हूँ. तुम्हारा ये
सॉफ्टवेयर और आईटी का अनुभव तुम्हें इस क्षेत्र का श्रेष्ठ वकील बना सकता है. एक बार
सोचकर देखना.” चव्हाण साहब ने उसे फिर कहा.
“ठीक है सर, आपका
आशीर्वाद बना रहे. आज तो मैं बिलकुल नहीं सोचूंगी. मुझे और आकाश को साउथ मुम्बई
घूमना है.” प्रिया ने मुस्कुराते हुए उत्तर दिया. उसकी बात सुनकर चव्हाण साहब भी
हँसने लगे.
चैंबर की सीढ़ियों
से नीचे उतरते ही की दोपहर की धूप और समुद्री हवा ने आकाश और प्रिया
का स्वागत किया. शनिवार की दोपहर होने के कारण फोर्ट की सड़कों पर दफ्तरों की भीड़
नहीं थी. ओल्ड विक्टोरियन गोथिक शैली और आर्ट डेको वास्तुकला की गर्व से खड़ी ऐतिहासिक इमारतें,
चौड़ी सड़कें और शांत माहौल अब पूरी तरह उन नजरों के सामने था.
"चलो प्रिया,
तुम्हारा आज का काम तो अच्छे से मुकम्मल हो गया," आकाश ने गहरी साँस लेते हुए मुस्कुराकर कहा. "अब बताओ, इस खूबसूरत फोर्ट एरिया को एक्सप्लोर करने का तुम्हारा क्या प्लान है?
प्रिया ने अपने बैग को कंधे पर सँभाला और आकाश की ओर देखकर आत्मीयता से मुस्कुरा दी.
... क्रमशः
शनिवार, 23 मई 2026
आत्मीयता के रंग
“कॉमरेड प्रशांत, यही बात है, जब दो या अधिक व्यक्ति एक समान उद्देश्य के लिए साथ काम करते हैं तो उनमें जानकारियों का आदान प्रदान होता है और वे तेजी से नजदीक आते हैं. रक्त संबंध हमें जन्म से मिलते हैं. लेकिन उनके बाद साथ मिलकर काम करने का रिश्ता ही सबसे अधिक मजबूत होता है....” वे बात कर ही रहे थे कि तभी डोरबेल बज उठी.
शुक्रवार, 22 मई 2026
नए रिश्ते
गुरुवार, 21 मई 2026
नया आशियाना
बुधवार, 20 मई 2026
रिसर्च की तैयारी
“यह भी बढ़िया और जरूरी किताब है, पूरी नहीं पढ़ पायी, लेकिन यह मेरे पास होनी चाहिए, इसलिए मैंने इसे भी ऑनलाइन ऑर्डर कर दिया है.”
रविवार, 17 मई 2026
तलाश
“फ्लैट के बारे में क्या सोचा?”