Friday, March 18, 2011

बताइए किस ख्यातनाम ब्लागीर ने किया है ये हाल अपने घर का?

पूरा एक सप्ताह गुजर चुका है, इस ब्लाग पर एक शब्द भी नहीं लिख सका हूँ। हुआ यूँ कि पिछले शुक्रवार को एक विवाह में जाना हुआ। शनिवार को लौटा तो थका हुआ था। रविवार को इस सप्ताह में होने वाला अदालत का काम देखा, तो लगा कि कैसे इतना सब कर पाऊंगा? तुरंत काम में लगना पड़ा। इसी सप्ताहान्त में होली का त्यौहार आ रहा है। बेटा तो इस होली पर नहीं आ पाएगा, लेकिन बिटिया आ रही है। उस की आवश्यकताएँ पूछी गईं। उस के बाद पत्नी जी को भी तुरंत काम में लग जाना पड़ा। उन्हें बाजार से अपनी तैयारियों के लिए बहुत कुछ लाना था, सो कल और आज की शाम खरीददारी में उन के साथ जाना पड़ा। वापस लौटीं तो कहने लगी, दो दिन बहुत समय खराब हो गया। इस से अच्छा तो यह था कि मैं ऑटोरिक्शा से चली जाती। कम से कम आप का ऑफिस का समय तो खराब न होता। 
ल अदालत में काम कम है। कुछ फुरसत मिली है, तो टिपियाने बैठ गया हूँ। पिछले सप्ताह एक लंबी कहानी आरंभ की थी। दो किस्तें लिखीं और प्रकाशित भी कर दीं, लेकिन आगे ब्रेक लग गया।  विवाह में जाने ने सब क्रम तोड़ दिया। अब होली के पहले उस क्रम को आरंभ कर पाना संभव नहीं। इधर हिन्दी ब्लागजगत में होली आरंभ हो चुकी है। लोग फगुनाए मूड में हैं। मैं ने भी सोचा, देखा जाए ब्लागरों के घरों का क्या हाल है? तो चल दिया। एक ख्यात नाम ब्लागीर के घर पहुँचा, वे तो काम पर गए हुए थे। भाभी जी से मुलाकात हुई। हमने पूछा भाई साहब के क्या हाल हैं? 
भाभी बताने लगीं, मैं क्या बताऊँ? आप खुद ही देख लीजिए। वे मुझे एक कमरे में ले गईं। वहाँ देखा तो बहुत बुरा हाल था, पूरा कमरा कबाड़ से अटा पड़ा था। मैं हैरान रह गया। आखिर कोई कैसे अपने घर का ऐसा हाल बना कर रख सकता है। मैं ने जल्दी से अपने मोबाइल से दो चित्र लिए और कमरे से बाहर निकल आया। अब आप ही देख लिजिए कोई अपने घर का ऐसा हाल बना सकता है भला? अब आप इस चित्र को देख कर खुद ही समझ जाएंगे कि ये ख्यातनाम ब्लागीर कौन हैं? समझ गए हों, तो झट से टिपियाइये और बता दीजिए कि ये ख्यातनाम ब्लागीर कौन हैं? सही सही बताने वालों का धुलेंडी की सुबह नौ बजे खतरनाक वाला सम्मान किया जाएगा। सब से पहले सही जवाब देने वाले को उस दिन का सब से बड़ा सरदार ब्लागीर घोषित किया जाएगा। 


बताइए किस ख्यातनाम ब्लागीर ने किया है ये हाल अपने घर का?

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