Monday, February 28, 2011

अभी ... कविता

ज यहाँ अंबिकादत्त की एक कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह कविता कविता के बारे में है। लेकिन जो कुछ कविता के बारे में इस कविता में कहा गया है। उसे संपूर्ण लेखन और संपूर्ण ब्लागरी के बारे में समझा जाना चाहिए। क्या ब्लागरी को भी ऐसी ही नहीं होना चाहिए, जैसी इस कविता में कविता से अपेक्षा की गई है? 




'कविता'
अभी कविता
  • अंबिकादत्त
अभी तो लिखी  गई है कविता
उन के लिए 
जिन के औजार छीन लिए गए

अभी बाकी है कविता !
उन के लिए लिखी जानी 
जिन के हाथ नहीं हैं
जीभ का इस्तेमाल जो सिर्फ पेट के लिए करते हैं

अभी बाकी है कविता का उन तक पहुँचना 
सपने जिन के राख में दबे हैं

उन के लिए बाकी है अभी कविता
जो कविता लिख रहे हैं
जो कविताएँ बाकी हैं
उन्हें कौन लिखेगा
किस के जिम्मे है उन का लिखा जाना

और हम जो लिख रहे हैं कविता
वो किस के लिए है?





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