अनवरत
क्या बतलाएँ दुनिया वालो! क्या-क्या देखा है हमने ...!
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शुक्रवार, 26 जून 2026
सीख
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देहरी के पार, कड़ी - 71 प्रिया और मयंक यूनियन ऑफिस से बाहर निकले, तब तक मुंबई की रात गहरा चुकी थी. ऑटो में बैठते ही मयंक ने एक लंबी और गहरी...
शनिवार, 20 जून 2026
नया विचार
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देहरी के पार, कड़ी - 70 रविवार, शाम छह बजने से पहले प्रिया और मयंक अंधेरी ईस्ट यूनियन कार्यालय के बाहर खड़े थे. मयंक ने देखा कि इमारत के मुख...
शुक्रवार, 19 जून 2026
लहरों के बीच
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देहरी के पार, कड़ी - 69 शुक्रवार रात घर लौटते वक्त ऑटो स्टैंड पर बब्बन भाई अपना ऑटो लिए मिल गए. “नमस्ते दीदी, घर चलना है?” “हाँ, घर ही चलना...
गुरुवार, 18 जून 2026
अदृश्य धागे
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देहरी के पार, कड़ी - 68 प्रिया की व्यस्तता कम नहीं हुई थी. प्रोजेक्ट डेडलाइन पर था. पूरी टीम उसी पर लगी हुई थी. रविवार रात ‘एमबी’ से डिनर क...
4 टिप्पणियां:
सोमवार, 15 जून 2026
साझा संघर्ष
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देहरी के पार, कड़ी - 67 प्रिया ने लैपटॉप की स्क्रीन पर 'स्टेटमेंट ऑफ क्लेम' का फाइनल ड्राफ्ट पढ़ लिया. सब कुछ ठीक था. कुछ भी ऐसा न थ...
2 टिप्पणियां:
शनिवार, 13 जून 2026
मौन संकल्प
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देहरी के पार, कड़ी - 66 मुंबई की सुबह हल्की धुंध में लिपटी थी. खिड़की से आती रोशनी ने कमरे की दीवारों पर सुनहरी परछाइयाँ बना दी थीं. प्रिया ...
गुरुवार, 11 जून 2026
अंतर्द्वंद
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देहरी के पार, कड़ी - 65 प्रिया के फोन रख देने के बीस मिनट बाद ही मयंक को जयपुर मुंबई ट्रेन का थर्ड एसी टिकट ई-मेल से मिल गया, साथ ही टेक्स्...
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