अनवरत
क्या बतलाएँ दुनिया वालो! क्या-क्या देखा है हमने ...!
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बुधवार, 10 जून 2026
नया सिलसिला
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देहरी के पार, कड़ी - 64 एसोसिएशन लाइब्रेरी से कुछ नई किताबें लेकर निकलते समय सूरज डूब चुका था. धूप गायब थी, जिससे गर्मी कम हो गयी थी. उसकी स...
मंगलवार, 9 जून 2026
आत्मसंघर्ष
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देहरी के पार, कड़ी - 63 ऑफिस से लौटकर प्रिया ने अपना पर्स मेज पर रखा, कपड़े बदले और बिस्तर पर ढेर हो गई. आज दिनभर बिना विश्राम के काम करना प...
बुधवार, 3 जून 2026
प्रस्ताव
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देहरी के पार, कड़ी - 62 सुबह नींद टूटी तो कमरे में धूप प्रवेश कर चुकी थी. प्रिया की निगाह सामने दीवार पर टंगी डिजिटल घड़ी की ओर गई. वह समय :...
सोमवार, 1 जून 2026
आकाश
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देहरी के पार, कड़ी - 61 टैक्सी पवई की ओर आगे बढ़ी. प्रिया पीछे छूट गई. लेकिन आकाश की आँखों में फोर्ट एरिया की गोथिक इमारतों की छाँव से लेकर ...
रविवार, 31 मई 2026
उलझे सवाल
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देहरी के पार, कड़ी - 60 टैक्सी हाईवे पर दौड़ी चली जा रही थी. दायीं ओर छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिखाई देने लगा. टैक्सी हाईवे...
3 टिप्पणियां:
सोमवार, 25 मई 2026
दिलों में पहुँच
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देहरी के पार, कड़ी - 59 आकाश के सवाल के जवाब में प्रिया मुस्कुराकर रह गई. आकाश ने दुबारा पूछा, “किधर ले चलने इरादा है इस नाचीज को आज.” “ब...
रविवार, 24 मई 2026
नया चेहरा
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देहरी के पार, कड़ी - 58 शनिवार सुबह सोकर उठने के बाद प्रिया रसोई में अपने लिए चाय बना रही थी कि प्रशांत बाबू का फोन आ गया. उसने फोन उठाय...
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