अनवरत
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बुधवार, 31 दिसंबर 2025
खाई
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"लघुकथा" : दिनेशराय द्विवेदी शहर में हुई ताज़ा बड़ी रैली के बाद, हवा का स्वाद बदल सा गया था. चाय की दुकान पर आवाज़ें ऊँची थीं, और ...
गुरुवार, 25 दिसंबर 2025
उम्मीद
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'लघुकथा' दिनेशराय द्विवेदी मॉल रोशनियों से नहाया हुआ था. लाल-सुनहरी गेंदें और टिमटिमाते सितारे हर किसी को अपनी ओर खींच रहे थे. बाहर ...
सोमवार, 5 अगस्त 2013
प्रेमचन्द की कहानी 'बालक'
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प्रेमचन्द की इस कहानी को ले कर 4 अगस्त के जनसत्ता में किसी 'धर्मवीर' ने अपने लेख "हम प्रेमचंद को जानते हैं" के माध्यम ...
7 टिप्पणियां:
बुधवार, 25 अप्रैल 2012
सैक्स-सीडी और जनता-इश्क
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से क्स (करना) सभी एकलिंगी जीवधारियों का स्वाभाविक कृत्य है और बच्चों की पैदाइश सेक्स का स्वाभाविक परिणाम। जब भी स्वाभाविक परिणाम को रोकने ...
7 टिप्पणियां:
मंगलवार, 31 अगस्त 2010
बाबू का मिथ और प्रेम की भाषा
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बा बूलाल जांगीड की पान की दुकान घर से अदालत के रास्ते में मिडवे है। रोज सुबह वहाँ रुकना, पान खाना और दिन के लिए बंधवाना। इस बीच वहाँ कुछ और ...
12 टिप्पणियां:
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