Monday, January 11, 2010

कौन बनाए खाना ?

शिवराम की यह कविता आज की समाज व्यवस्था से पैदा हुई एक अनिवार्य स्थिति को प्रदर्शित करती है, पढ़िए और राय दीजिए ......

कौन बनाए खाना ?

  • शिवराम
कौन बनाए खाना भइया

कौन बनाए खाना


जो समधी ने भेजे लड्डू 
उन से काम चलाओ
चाय की पत्ती चीनी खोजो 
चूल्हे चाय चढ़ाओ
ले डकार इतराओ गाओ कोई मीठा गाना
कौन बनाए खाना भइया.....


बेटे गए परदेस 
बहुएँ साथ गईं उन के
हाथ झटक कर के
अपने ही हिस्से में आया घऱ का ताना-बाना
कौन बनाए खाना भइया .....

बेटी गई ससुराल
हमारी आँखें नित फड़कें
पोते-पोती सब बाहर हैं
ऐसे में बतलाओ कैसे होवे रोज नहाना
कौन बनाए खाना भइया
कौन बनाए खाना।
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कैसी लगी...?
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