Thursday, December 31, 2009

समय-2009, समय-2010

समय-2009, समय-2010
  • दिनेशराय द्विवेदी

जा रहा हूँ,  मैं
कभी न लौटने के लिए 
हमेशा की तरह

तुम विदा  करो मुझे
खुशी-खुशी 
या फिर  नाराजगी  के साथ
या दुखी हो कर
मेरा जाना  तय है
हमेशा की तरह

मैं  नहीं रुकता  कभी 
किसी हालत में
मैं आता हूँ, मैं जाता  हूँ
मैं रहता हूँ तुम्हारे साथ
हर दम,  हमेशा
शायद तुम मुझे नहीं पहचानते
तो पहचानना सीखो
जिस ने पहचाना 
उस ने जिया है जीवन 
नहीं पहचाना जिस ने 
वह रहा असमंजस  में हमेशा
हमेशा की  तरह


नाम  नहीं था कोई मेरा
तुमने ही मुझे नाम दिया
किसी ने दिन कहा
किसी ने बांटा मुझे
प्रहरों, मुहुर्तों, घड़ियों,
पलों, विपलों, निमिषों में
किसी ने इन्हें जोड़ 
सप्ताह,  पखवाड़े, महीने 
मौसम, साल और सदियाँ  बना डालीं
कोई  युग और महायुग भी बना दे 
तो भी मैं रुकूंगा  नहीं
आना  और जाना  
मेरा स्वभाव है
मैं आता रहूंगा
मैं जाता  रहूँगा
तुम हो तब भी
तुम नहीं रहोगे तब भी
हमेशा, हमेशा की तरह

मैं जा रहा हूँ
प्रसन्नता के साथ
विदा  करो मुझे ......


लो  मैं  आ रहा हूँ फिर
मुझे पहचानो
स्वागत करो मेरा
प्रसन्नता के साथ

जिओ जीवन 
मेरे  साथ
हमेशा,  हमेशा की तरह।


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सभी को मुबारक हो आने वाला साल !
सब के लिए लाए खुशियाँ आने वाला साल !  

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