Saturday, January 10, 2009

अजित वडनेरकर का जन्म दिन और पुरुषोत्तम 'यकीन' की नए साल की बधाई




अजित वडनेरकर !!! 
मुबारक हो सालगिरह !!!

हिन्दी चिट्ठाजगत या ब्लागदुनिया में हमें रोज शब्दों का सफर कराने वाले, चिट्ठाकारों से ना, ना करते हुए भी बक़लम खुद लिखवा डालने वाले हर दिल अजीज़ चिट्ठाकार अजीत वडनेरकर आज अपना जन्म दिन मना रहे हैं। 

उन्हें ढेर सारी बधाइयाँ! 
जरा आप भी दीजिएगा!
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इस मौके पर किसी काव्य रचना की तलाश करते करते पुरुषोत्तम यकीन की गज़ल़ पर नज़र पड़ी। नए साल के आगमन पर रची गई इस ग़ज़ल का आनंद लीजिए .....

                    'ग़ज़ल'
 !!! मुबारक हो तुम को नया साल यारो !!!
पुरुषोत्तम ‘यक़ीन’


मुबारक हो तुम को नया साल यारो
यहाँ तो बड़ा है बुरा हाल यारो

मुहब्बत पे बरसे मुसीबत के शोले
ज़मीने-जिगर पर है भूचाल यारो

अमीरी में खेले है हर बदमुआशी
है महनतकशी हर सू पामाल यारो

बुरे लोग सारे नज़र शाद आऐं
भले आदमी का है बदहाल यारो

बहुत साल गुज़रे यही कहते-कहते
मुबारक-मुबारक नया साल यारो

फ़रेबों का हड़कम्प है इस जहाँ में
‘यक़ीन’ इस लिए बस हैं पामाल यारो
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